जेल में मोबाइल तो होगी 3 साल की सजा
September 7, 2019 • NP Network

लखनऊ।  कारागार विभाग 1894 के प्रिजन एक्ट की धारा 42 व 43 में संशोधन करने जा रहा है।  संशोधन के बाद जेल में मोबाइल फोन समेत सभी प्रतिबंधित वस्तुओं के पकड़े जाने पर 3 साल की सजा व 25000 का जुर्माना होगा और अगर मोबाइल का प्रयोग किसी अपराध में हुआ तो 3 साल की सजा व  रु  50000 जुर्माना अतिरिक्त होगा। 
वर्तमान में प्रतिबंधित वस्तुओं के लिए इस एक्ट में 6 महीने की सजा व रु 200 के जुर्माने का प्रावधान है