पर्यावरण वन व मौसम मंत्रालय के मानद प्रदेश पशु कल्याण अधिकारी हिमांशु राज़ ने गौशालाओं का औचक निरीक्षण किया
August 26, 2019 • NP Network

वाराणसी। पशुओं के भी अधिकार है और उनके लिए भी कानून है पशुओं पर किसी तरह की भी क्रूरता दंडनीय अपराध है"लोगों को अभी पता नहीं है। यह बात पर्यावरण वन व मौसम मंत्रालय भारत सरकार के मानद प्रदेश पशु कल्याण अधिकारी हिमांशु राज़ ने कही। वे सोनभद्र जनपद में गौशालाओं व पशु संरक्षण केंद्र के औचक निरीक्षण कर रहे थे। सोनभद्र के मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज स्थित गौ संरक्षण केंद्र में गाय और सांडो की संख्या तकरीबन 300 है। पशुओं की स्थिति इस संरक्षण केंद्र में संतोषजनक प्रतीत हुई। कुछ गायें बीमार थी पर चिकित्सा से समुचित व्यवस्था थी। संरक्षण केंद्र में स्वस्थ व अस्वस्थ पशुओं का आवास अलग अलग है। स्वस्थ होने के बाद पशुओं को पुनः स्वस्थ पशुओं के आवास में डाल दिया जाता है। संरक्षण में चिकित्सा कक्ष की समुचित व्यवस्था न होने पर हिमांशु राज़ ने अधिकारियों व संरक्षण केंद्र से जुड़े लोगों इस विषय पर चर्चा की ।

                                                                                                                                           

प्रदेश प्रभारी ने पत्रकारों से वार्ता में कहा कि,"प्रदेश में योगी सरकार आने के बाद अवैध बूचड़खानों पर सख्ती से सड़कों पर गौवंश की संख्या बढ़ गई है,इन्हें पालने वाले बूढ़ी हो जाने पर गायों को सड़कों पर भटकने के लिए छोड़ देते हैं। .सड़कों पर गौवंश की भरमार की शिकायत पर सरकार सक्रिय हो गई है और अब सरकार 68 जिलों जिलों में गौसंरक्षण केंद्र खोलने जा रही है। .गौसंरक्षण केंद्र बनाने के कुछ मानक निर्धारित किये गए है.संरक्षण केंद्र को बनाने में 10 हेक्टेयर जमीन की जरूरत होगी.चारागाह की जमीन पर गौसंरक्षण केंद्र का निर्माण नहीं किया जाएगा.संरक्षण केंद्र में पक्के निर्माण के अलावा पशुओं के घूमने की भी व्यवस्था की जाएगी। संरक्षण केंद्र में 14 हजार वर्ग फुट में चार गौवंश शेड बनाए जाएंगे.दो हजार वर्ग फिट में दो चारा गोदाम, तीन सौ वर्ग फिट में कार्यालय और दवा केंद्र, 11 सौ वर्ग फिट में छह कर्मचारी आवास और आठ सौ वर्ग फिट में चार चरहियां बनेंगी।  इसके अलावा शेड के बाहर 54 सौ वर्ग फिट का खुला क्षेत्र होगा.प्रदेश सरकार की 900 रुपये प्रति माह छुट्टा पशुओं की देखरेख के देने की घोषणा से कई लोग सचेत हुए है और छुट्टा पशुओं के संरक्षण की मुहिम में जुड़ रहे है। .अभी भी काफी कुछ बाकि है पशुधन क्षेत्र में करने के लिए..मुख्य समस्या नित्य चारे के खर्चे का है। .प्रदेश में लोग योगी सरकार के काफी कुछ उम्मीद पाले हुए है और सरकार भी इस दिशा में गंभीरता से प्रयास कर रही है।