बाढ़ पीड़ित पशुधन को संक्रामक रोगों से बचाने के लिए जिला प्रशासन मुस्तैद
September 26, 2019 • S b s chauhan

 चकरनगर इटावा, 26 सितंबर। बाढ़ प्रभावित इलाकों में पशुधन विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर सहायक कर्मचारी तक घूम घूम कर ऐसी पशुओं को चिन्हित करने में लगे हुए हैं कि जो रोग ग्रसित हैं। यहां पर लगभग 4 स्वास्थ्य टीमें गठित हैं इमरजेंसी सेवा देने के लिए तत्काल मौके पर पहुंचती है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में कोई भी संक्रामक रोग न फैले इसके लिए एहतियाती उपाय पुरजोर कर लिए गए हैं, कहीं कोई कोर कसर नहीं छोड़ी गई है। फिर ईश्वर से बसयाती किसकी। एक स्वास्थ्य प्रवक्ता ने बताया कि बाढ़ का पानी सिमट जाने के बाद जो तत्काल बरसा हो गई है उससे स्वास्थ्य विभाग को बहुत बड़ी राहत मिली है, कि जो भी सड़न-गलन और जो संक्रामक रोगों के वायरस पैदा हो सकते थे वह काफी हद तक धुल कर साफ हो गए हैं। ईश्वर ना करें कि किसी का पशु बीमार हो और उसे किसी तरीके का नुकसान हो! स्वास्थ्य टीम प्रवक्ता ने आगे बताया कि कहीं से भी संक्रामक रोग फैलने की संभावनाओं को देखते हुए हमारे जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य टीमों को गठित कर और स्वास्थ्य टीमों को मुनासिब सुख सुविधाएं उपलब्ध कराकर किसी भी अनहोनी को टालने के लिए मेहनतकश पहल की है। जिससे क्षेत्र में काफी हद तक शांति कायम है। क्षेत्रीय ग्रामीणों ने बताया की पशुओं की देखरेख हेतु जो सचल दल बनाए गए हैं उसमें अनुभवी चिकित्सकों को बाहर से भी बुलाया गया है और एहतियात के तौर पर 24 घंटे सतर्क रहने के लिए सख्त हिदायत दी गई है। इस पैरवी के चलते तमाम ऐसे गोवंश तो है जो या तो किसानों के धारदार हथियार से, नहीं तो फिर ब्लेडयुक्त/आरा वाले तारों से कटे हुए  पड़े हैं या अकाल काल के गाल में समाहित हो चुके हैं। जिला प्रशासन ने गोवंशों की सुरक्षा के लिए ऐसा कोई ठोस कदम नहीं उठाया है कि जिससे यह बेमौत मर रहे पशुओं की रोकथाम हो सके। निवर्तमान उप जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह आईएएस ने प्रेस को बताया था कि गोवंश के वह पालक जो दूध खाकर गोवंश को लावारिस छोड़ देते हैं उन को चिन्हित कर सख्त कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। लेकिन इस सबके होने से पहले उनका यहां से स्थानांतरण हो जाने से कार्यवाही आधार में ही लटक गई। किसान के खेतों की बात तो दूर मुख्य सड़कों के किनारे ब्लेड तार लगे हुए हैं जिन से आए दिन पशु भूख की ललक चलते खेतों में कूदते हैं किसान उन्हें खदेड़ता है जिससे आरातारों से कट कर बुरी तरह जख्मी हो जाते हैं।